8 हिंदी दूर्वा

चिट्ठियों में यूरोप

सोमदत्त

प्रश्न 1: इस पत्र का लेखक किस देश/शहर की यात्रा पर गया था?

उत्तर: लेखक युगोस्लाविया के निविसाद शहर की यात्रा पर गया था।

प्रश्न 2: उस देश में कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं? कौन सा खेल सबसे अधिक लोकप्रिय है?

उत्तर: उस देश में फुटबॉल, टेबल टेनिस और स्केटिंग खेले जाते हैं। इनमें से फुटबॉल सबसे अधिक लोकप्रिय है।

प्रश्न 3: उस देश के कुछ खाद्य पदार्थों के नाम बताओ।

उत्तर: यहाँ के मुख्य भोजन हैं; ब्रेड, जेली, योगर्ट और सूप। कभी कभी स्टू के साथ चावल भी खाया जाता है। स्टू हमारे यहाँ की करी की तरह होता है।

प्रश्न 4: लेखक ने ये क्यों कहा, “अच्छे से रहना ताकि माँ को तकलीफ न हो”?

उत्तर: अक्सर बच्चे माँ के अधिक करीब होने की वजह से उन्हें परेशान भी ज्यादा करते हैं। पिता की अनुपस्थिति में उनकी शरारत थोड़ी सी बढ़ जाती है। लेखक को यह चिंता हो रही होगी कि बच्चों की माँ ज्यादा परेशान न हो जाएँ।

प्रश्न 5: भारतीय खाने की कुछ चीजें जैसे चावल, सेवइयां, मिठाइयाँ यूरोप में अलग ढ़ंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीजें अलग अलग ढ़ंग से पकाई जाती हैं?

उत्तर: जैसा कि पत्र में लिखा है सेवइयां पानी में उबाल कर खाई जाती हैं। चावल स्टू के साथ खाया जाता और मिठाई बेर के गूदे से बनी होती हैं। भारत में सेवइयां दूध में उबाली जाती हैं। चावल को हम दाल और सब्जी के साथ खाते हैं। हमारे यहाँ की ज्यादातर मिठाइयाँ दूध से बनती हैं। भारतीय खाने में मसालों का बहुत इस्तेमाल होता है। यूरोप के खाने में मसाले नहीं के बराबर होते हैं। किसी भी भारतीय को यूरोप का खाना बेस्वाद लग सकता है।



दो गौरैया

माँ यह नहीं चाहती थीं कि गौरैयों का घर उजड़ जाए, इसलिए वे पिताजी की मदद नहीं कर रहीं थीं। वो हंस इसलिए रहीं थीं कि उन्हें पता था कि पिताजी अंदर से एक दयालू इंसान हैं। वो ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे चिड़ियों को ज्यादा हानि पहुँचे। वो शायद ये भी जानती थीं कि थोड़े प्रयास के बाद पिताजी हार मानकर शांत बैठ जाएंगे।

सागर यात्रा

समुद्र का पानी खारा होने की वजह से ना तो पीने लायक होता है ना ही नहाने लायक। ज्यादा खारेपन की वजह से साबुन भी उसमें बेअसर हो जाता है। इसलिए समुद्र के पानी से ना तो हम नहा सकते हैं, ना ही कपड़े धो सकते हैं। इसलिए लेखक और उसके साथियों को समुद्र यात्रा में पानी की समस्या हुई।

उठ किसान ओ

इस कविता में किसान से जग जाने का आह्वान किया गया है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में मानसून का उसकी अर्थव्यवस्था पर बड़ा ही गहरा प्रभाव पड़ता है। हालांकि खेती के नए तरीके हमारे देश में इस्तेमाल होने लगे हैं, फिर भी बारिश का महत्व पहले की तरह ही है।

एक खिलाड़ी की कुछ यादें

लेखक ने एक बार लाहौर में ध्यानचंद को हॉकी खेलते देखा था। ध्यानचंद की दक्षता ने लेखक को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया। लेखक के शब्दों में एक महान खिलाड़ी आपको अपने खेल की ओर आकर्षित करता है। उस खिलाड़ी की महानता आपके लिए एक प्रेरणाश्रोत का काम करती है।

सस्ते का चक्कर

अजय के अन्य दोस्तों ने कहा कि नरेंद्र की आदतें अच्छी नहीं है। वह चटोर लड़का है। अजय को उसके चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा कि नरेंद्र बहुत ही बदनाम लड़का था।

वल्ली अम्माई

बस में खिड़की के पास वाली सीट पर बैठना ज्यादातर लोगों को पसंद आता है। वल्ली को भी खिड़की के पास वाली सीट मिल गयी थी। खिड़की के बाहर का दृश्य वल्ली को बहुत सुंदर लग रहा था। सड़क की एक ओर नहर थी। नहर के पीछे ताड़ के पेड़ थे।

अन्याय के खिलाफ

श्री राम राजू भी एक कोया आदिवासी था। उसने हाई स्कूल तक की पढ़ाई थी। वह 18 साल की उम्र में साधू बन गया था। उसके ज्ञान के कारण लोग उसे अपना नेता मानने लगे थे। जब अंग्रेजों ने कोया आदिवासियों का राशन रोक दिया तो उनपर कहर टूट पड़ा। श्री राम राजू ने अपने लोगों की तकलीफ का अंत करने के लिए आत्मसमर्पण कर दिया।

केशव शंकर पिल्लई

शुरु में पिल्लई जगह-जगह प्रदर्शनी लगाकर अपना संग्रह लोगों को दिखाते थे। लेकिन जब उनका संग्रह बहुत बड़ा हो गया तो उन्हें कहीं भी लाने ले जाने में कठिनाई होने लगी। उनके टूटने का भी खतरा बढ़ने लगा। इसलिए पिल्लई ने एक स्थाई संग्रहालय बनाने की योजना बनाई। इसके अलावा देश विदेश के लोगों ने इस काम में उनका पूरा सहयोग किया।