जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

आदमी का बच्चा

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

जंगल का कानून बिना कारण किसी को मारने की अनुमति नहीं देता है। इस कानून के मुताबिक कोई भी जानवर आदमी का शिकार नहीं कर सकता। वह केवल तभी किसी आदमी का शिकार कर सकता है जब वह अपने बच्चों को शिकार का प्रशिक्षण दे रहा होता है। लेकिन ऐसा करने के लिए उसे अपने दल के शिकार के इलाके को छोड़कर जाना होगा। क्योंकि सभी जानवर जानते हैं कि ऐसा करने से जल्दी ही गोरे लोग हाथियों पर सवार होकर और बंदूकों से लैस होकर आते हैं और उनके साथ सैंकड़ों की तादाद में तांबई चमड़ी वाले लोग भी होते हैं जिनके हाथ में मशाल, ढ़ोल और भाले होते हैं। ऐसा होने पर जंगल के हर जानवर को घोर दुख झेलना पड़ता है। जानवर आपस में यह बात भी करते हैं कि आदमी सबसे कमजोर प्राणी है और ऐसे प्राणी को छूना भी उचित नहीं है। वे ऐसा भी कहते हैं; जो कि काफी हद तक सच है; कि एक आदमखोर जानवर के कीड़े पड़ते हैं और उसके दाँत झड़ जाते हैं।

इस बीच बाघ की दहाड़ और तेज हो चुकी थी और वह बड़ी तेज गर्जना के साथ खत्म हुई जैसे कि बाघ ने किसी पर आक्रमण किया हो।

उसके बाद एक ऐसी दुखभरी कराह सुनाई दी जैसे शेर खान ने सब कुछ खो दिया हो। भेड़िये की माँ ने कहा, लगता है वह चूक गया। पता नहीं क्या था।

भेड़िये का पिता कुछ दूर दौड़ कर गया और उसने शेर खान के बड़बड़ाने की आवाज सुनी और उसे झाड़ियों में लुढ़कते हुए देखा।

भेड़िया गुर्राते हुए बोला, इस मूर्ख को कौन समझाए कि लकड़हारे के अलाव में कूदने से नुकसान ही होता है। उसने अपना पैर जला लिया है। तबाकी भी उसके साथ है।

भेड़िए की माँ के कान खड़े हो गए, लगता है कोई हमारी तरफ आ रहा है। तैयार हो जाओ।

पास की झाड़ियों मे सरसराहट हुई और भेड़िये का पिता कंधे झुकाकर जवाबी हमले के लिए तैयार हो गया। इसके बाद बड़ी ही अनोखी घटना हुई। भेड़िए ने बीच में ही यह जानने की कोशिश की कि वह किस पर कूद रहा है। इसके बाद उसने अपने आप को रोकने की कोशिश की। परिणामस्वरूप वह हवा में ही चार-पाँच फीट ऊपर उछल गया और ठीक वहीं पर गिरा जहाँ से उसने छलांग लगाई थी।

वह तेजी से चिल्लाया, देखो! आदमी, आदमी का बच्चा!

उसके ठीक सामने एक आदमी का बच्चा खड़ा था। उसने एक नीची झुकी हुई डाल को पकड़ा हुआ था। तांबई रंग की चमड़ी वाला वह नंग-धड़ंग बच्चा बस इतना ही बड़ा था कि कोई सहारा लेकर डग भर सके। उसके जैसा नाजुक और खूबसूरत जीव कभी भी उस गुफा में नहीं आया था। उसने भेड़िए के पिता को देखा और कौतूहल भरी हँसी हँसा।

भेड़िए की माँ ने कहा, क्या कहा? आदमी का बच्चा! मैंने पहले कभी नहीं देखा। लाना इधर।


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