जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

बलू का वोट

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

आखिरकार वह वक्त आ गया जिसका भेड़िये के परिवार को बेसब्री से इंतजार था। भेड़िये की माँ के रोंगटे खड़े हो रहे थे। भेड़िये के पिता ने उस झुंड के बीच में मोगली को प्रस्तुत किया। मोगली बीच में इन सबसे बेखबर बैठा हुआ था। वह कंकड़ों से खेल रहा था जो चांदनी में मनकों की तरह चमक रहे थे।

अकेला अपना सिर झुकाए स्थिर बैठा था जैसे उसने कुछ देखा ही न हो। वह सिर्फ एक ही रट लगाए पड़ा था, मजे करो। तभी चट्टानों के पीछे से एक दबी सी गुर्राहट आई। यह शेर खान की आवाज थी, यह आदमी का बच्चा मेरा है। इसे मुझे दे दो। आजाद जानवरों का आदमी के बच्चे से क्या काम? इस पर भी अकेला के कान तक नहीं फड़के। उसने केवल इतना कहा, मेरे साथी भेड़ियो, मजे करो। हम आजाद भेड़िए हैं जो हमारे सिवा और किसी का आदेश नहीं मानते।

हर ओर भेड़ियों के गुर्राने से कोलाहल सा मच गया जैसे सब आपस में मंत्रणा कर रहे हों। तभी एक चार साल के युवा भेड़िये ने शेर खान का प्रश्न दोहराया, आजाद जानवरों का आदमी के बच्चे से क्या काम? जंगल का कानून ये कहता है कि यदि दल में कोई किसी शावक पर अधिकार की बात का विरोध करता है तो उसे कम से कम दो सदस्यों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए। वे दोनों सदस्य उस शावक के माता-पिता को छोड़कर कोई भी हो सकता है।

अकेला ने जोर से कहा, इस शावक की तरफ से कौन बोलेगा? इन आजाद भेड़ियों में इस शावक की तरफ से कौन बोलेगा? उसके सवाल का भीड़ में से कोई जवाब नहीं आया। भेड़िये की माँ तब तक उस लड़ाई के लिए तैयार हो रही थी जो शायद उसकी आखिरी लड़ाई होती।

तभी वहां पर बलू भालू आया। बलू इकलौता प्राणी था जो भेड़िया नहीं होने के बावजूद उस सभा में बोलने का हक रखता था। बलू हमेशा सुस्त दिखता था। वह भेड़िए के बच्चों को जंगल के तौर तरीके सिखाता था। उसे कहीं भी आने जाने की आजादी थी क्योंकि वह केवल कंद मूल और शहद खाता था। बलू अपने पिछ्ले पैरों पर बैठ गया और गुर्राया।

क्या आदमी के बच्चे की रट लगा रखी है। मैं उसकी तरफ से बोलूंगा। आदमी के बच्चे से क्या नुकसान हो सकता है? मैं शब्दों का धनी तो नहीं हूँ लेकिन मैं हमेशा कड़वा सच बोलता हूँ। उसे दल के साथ ही रहने दो; अन्य शावकों की तरह। मैं खुद उसे हर बात सिखाउंगा।

अकेला ने कहा, बलू, जो हमारे बच्चों का टीचर है, ने इस बच्चे की ओर से बोला है। लेकिन हमें एक और वोट चाहिए। बलू के अलावा और कोई है जो इस बात पर राजी है?


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