जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

बूढ़ा सरदार

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

उसकी माँ रक्षा ने उसे एकाध बार बताया था कि शेर खान भरोसा करने लायक नहीं है। उसने ये भी कहा था कि वह एक न एक दिन शेर खान को जरूर मारे। यदि कोई युवा भेड़िया होता तो इस बात को गांठ बाँध लेता लेकिन मोगली तो अभी छोटा बालक ही था। ये अलग बात है कि भेड़ियों के संग पलने बढ़ने के कारण वह अपने आप को भेड़िया ही समझता था।

अकेला अब बूढ़ा होने लगा था। उसकी कमजोरी का फायदा उठाकर वह लंगड़ा बाघ उस दल के युवा भेड़ियों से दोस्ती करने लगा था। वे भेड़िये बाघ का जूठन खाने के लालच में शेर खान के आगे पीछे घूमते थे। यदि अकेला पहले की तरह शक्तिशाली होता तो इस बात की कतई अनुमति नहीं देता लेकिन वह कुंठित होकर इन बातों को झेल रहा था। शेर खान उन भेड़ियों पर जूठन फेंकता और अक्सर कहा करता था कि वे किस तरह से एक बूढ़े भेड़िए और एक आदमी के बच्चे के पीछे दुम दबाकर चलते हैं। शेर खान उनसे यह भी पूछता था, मैंने सुना है कि तुम्हारी इतनी भी हिम्मत नहीं है कि उस आदमी के बच्चे की आँखों में आँखें डालकर देख सको। धिक्कार है तुम्हारे भेड़िये होने पर। ऐसा सुनकर बेचारे युवा भेड़िये खिसियानी हँसी हँस कर रह जाते थे। इस तरह से मोगली का अक्सर शेर खान से आमना सामना हो जाता था।

बघीरा इन नई घटनाओं से वाकिफ था। एकाध बार उसने मोगली को सावधान भी किया था इशारों इशारों में उसे आगाह भी किया था कि शेर खान उसे मारने की फिराक में है। मोगली उसकी बात सुनकर हँसकर कहता, मुझे किस बात का डर है। मेरे साथ मेरा पूरा दल है। मेरे साथ तुम हो और बलू है। बलू थोड़ा मोटा और आलसी है लेकिन वह एक ही थप्पड़ में किसी का काम तमाम कर सकता है।

वह एक तपती दोपहरी थी जब बघीरा के मन में हुआ कि मोगली से सीधी बात की जाए। उसे हाल ही में इक्की साही मिला था जो शेर खान की मंशा के बारे में कुछ कह रहा था। बघीरा घने जंगल में बैठा था और मोगली उसकी चमकदार खाल वाली पीठ पर लेटा हुआ आसमान को घूर रहा था। बघीरा ने कहा, मेरे प्यारे छोटू, मैंने तुमसे कितनी बार कहा है कि शेर खान तुम्हारा दुश्मन है?

मोगली ने लेटे लेटे ही जवाब दिया, उतनी ही बार जितने खजूर इस पेड़ पर लटके हैं। अरे जाने भी दो, मुझे सोने दो। शेर खान एक लंबी दुम और लंबी जुबान के अलावा कुछ भी नहीं है। वह वैसे ही डींगे मारता है जैसे कि माओ मोर।

लेकिन यह सोने का समय नहीं है, जाग जाओ। बलू को भी इसके बारे में पता है। पूरा दल इसके बारे में जानता है। यहाँ तक कि वह मूर्ख हिरण भी यह जानता है। तबाकी ने भी मुझे बताया था।

मोगली ने हँसकर कहा, हा!हा! एक दिन तबाकी भी मेरे पास लंबी चौड़ी फेंक रहा था। वह कह रहा था कि मैं इंसान का बच्चा हूँ और इतना कमजोर हूँ कि एक चूहा भी नहीं मार सकता। मैंने उसकी दुम से पकड़ा और उसे हवा में हिलाकर इसी खजूर के पेड़ से जोर से दे मारा। उम्मीद है उसे सही सबक मिल गई होगी।

अरे तुमने बहुत बड़ी गलती कर दी। तबाकी थोड़ी शरारत जरूर करता है लेकिन उससे तुम्हें अहम जानकारी मिल सकती थी। अरे भैया, अपने कान और आँख खुली रखो। शेर खान में इतनी हिम्मत नहीं कि तुम्हें इस जंगल में मारने की कोशिश करे। लेकिन यह मत भूलो कि अकेला बूढ़ा हो रहा है। एक दिन ऐसा भी आएगा जब वह एक छौना भी नहीं मार पाएगा। तब उसे सरदार के पद से हटना होगा। कई अन्य भेड़िये जिन्होंने शुरु में तुम्हारी हिफाजत की थी वे भी बूढ़े हो जाएंगे। जो युवा भेड़िये हैं वे शेर खान की बातों में आ गये हैं और समझते हैं कि इंसान के बच्चे को दल में नहीं रहना चाहिए। इसलिए अब समय आ गया है कि तुम यहाँ से चले जाओ और जाकर इंसानों के साथ रहो।


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