जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

लाल फूल

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

बघीरा और गंभीर हो गया और बोला, अरे जंगल का कानून तो यही कहता है कि जैसे ही मौका आये सामने वाले पर टूट पड़ो और उसकी जान ले लो। वे नासमझ केवल इतना जानते हैं कि तुम एक आदमी हो। लेकिन तुम तो समझदार हो। मेरा दिल कहता है जैसे जैसे अकेला शिकार पकड़ने में असमर्थ होता जाएगा पूरा दल उसके और तुम्हारे खिलाफ होते जाएंगे। फिर वे उसी पहाड़ी पर एक सभा करेंगे और अपना निर्णय सुनाएंगे।

अचानक बघीरा बोलते-बोलते रुक गया और उठकर खड़ा हो गया, मुझे एक उपाय सूझा है। तुम जल्दी से नीचे घाटी में जाओ और किसी आदमी की झोपड़ी से वह लाल फूल लेकर आओ जो हर इंसान अपने घर में उगाता है। जब समय आयेगा तो वही लाल फूल तुम्हारा असली दोस्त साबित होगा। वह मुझसे, बघीरा से और दल में तुम्हारे कुछ चुनिंदा साथियों से भी बेहतर काम आयेगा। जाओ जल्दी जाकर उस लाल फूल को ले आओ।

बघीरा जिसे लाल फूल कहता था वह दरअसल में आग थी। कोई भी जानवर आग को उसके सही नाम से नहीं बुलाता था। हर जानवर आग से बहुत डरता है और उसका वर्णन करने के लिए तरह तरह के शब्द गढ़ता है।

मोगली ने कहा, अच्छा तुम उस लाल फूल की बात कर रहे हो जो शाम से ही हर इंसान की झोपड़ी के बाहर उगने लगता है। मैं उसे आसानी से ले आउँगा।

बघीरा ने गर्व से कहा, ये हुई ना मनुष्यों वाली बात। याद रखना वे उसे छोटे बरतनों में उगाते हैं। जल्दी से उसे ले आओ और वक्त जरूरत के लिए अपने पास रखना।

मोगली ने कहा, अच्छी बात है। मैं अभी जाता हूँ और उस लाल फूल को लेकर आता हूँ। तुम कितने अच्छे हो मेरे बघीरा! कहते-कहते मोगली बघीरा के गले में बाँहें डालकर झूलने लगा और उसकी बड़ी-बड़ी आँखों में झाँककर बोला, तुम्हें पक्का यकीन है कि यह सब शेर खान की चाल है?

मेरे बच्चे, मैं उस टूटे हुए पिंजरे की कसम खाता हूँ जिससे मैं आजाद हुआ था।

“उस भैंसे की सौगंध जिसने मेरे लिए अपनी जान दी थी, मैं उस शेर खान से पूरा हिसाब चुकता करूँगा” ऐसा कहकर मोगली मोगली वहाँ से झटपट भाग लिया।

बघीरा मन ही मन बातें कर रहा था, बिल्कुल इंसानों जैसा है ये। इंसान ही तो है। अब तो शेर खान पहले जैसा जवान भी नहीं रहा जैसा वह जब मोगली यहाँ आया था तब था। यह तो शेर खान को जरूर सबक सिखाएगा।


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