जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

मरे भैंसे का वास्ता

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

झुंड में से आवाज आई, दस साल पहले मरे हुए भैंसे का राग कब तक आलापते रहोगे? अब तो उसकी हड्डियाँ भी नहीं बची होंगी।

अब गुस्से में बघीरा के पैने दाँत बाहर आ रहे थे। उसने कहा, तुम्हें अपना वचन निभाना होगा। इसी कारण तो तुम आजाद भेड़िये के नाम से मशहूर हो।

इस पर शेर खान ने कहा, एक इंसान का बच्चा जंगल के प्राणियों के साथ नहीं रह सकता है। इसे मुझे दे दो।

अकेला ने बीच में दखल दिया, उसका भले हमसे खून का रिश्ता न हो, लेकिन है तो वह हमारा भाई ही। फिर भी तुम उसे मारना चाहते हो। मैंने कई बसंत देखे हैं। इसलिए अपने अनुभव से मैं ये कह सकता हूँ कि तुममे से कई जानवर ऐसे हैं जो मवेशियों का शिकार करते हैं। मैंने यह भी सुना है कि जो शेर खान के आगे पीछे घूमते हैं वे तो रात के अंधेरे में जाकर गाँव से बच्चे भी चुराते हैं। यह कायरता नहीं तो और क्या है? मुझे तो तुम जैसे कायरों से बात करने में भी शर्म आती है। यह तय है कि मेरा अंत निकट है। फिर भी यदि मेरे जीवन की कोई कीमत है तो मैं उसे इस बच्चे के बदले में तुम्हारे सुपुर्द करना चाहूँगा। सरदार के बगैर तुम तो अपने दल की प्रतिष्ठा भी भूल गये हो। लेकिन इस दल की इज्जत कायम रखने के लिए मैं ये भी करने को तैयार हूँ कि यदि तुम इस बच्चे को यहाँ से जाने दोगे तो मैं अपनी आखिरी लड़ाई के समय तुमपर एक भी वार नहीं करूँगा। मैं बिना किसी प्रतिरोध के मरने को तैयार हो जाऊँगा। इससे कम से कम तीन जिंदगियाँ बच जाएँगी। इससे अधिक तो मैं और कुछ नहीं कर सकता। लेकिन यदि तुम मेरी बात मानोगे तो इससे तुम एक घोर पाप से बच जाओगे। अपने किसी निर्दोष भाई को मारने से घोर पाप लगता है। खासकर वैसा भाई जिसे जंगल के कानून के हिसाब से उचित तरीके से दल में शामिल किया गया हो।

झुण्ड में से कई आवाजें आ रहीं थीं, ये एक इंसान है! इंसान! कई भेड़िये अब शेर खान के इर्द गिर्द जमा हो रहे थे। शेर खान की दुम इधर उधर लहरा रही थी जैसे वह भी शेर खान की तरह गुस्से में हो।

स्थिति बिगड़ते देखकर बघीरा ने मोगली से कहा, समय आ गया है कि तुम सब कुछ अपने हाथ में ले लो। अब सीधी लड़ाई के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।


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