जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

मोगली की चुनौती

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

मोगली सीधा तन कर खड़ा हो गया। आग वाली अंगीठी उसके हाथ में थी। उसने अपनी बाँहें फैला कर सभा की ओर मुँह कर के ऐसे जंभाई ली जैसे उसपर कोई असर नहीं हो रहा था। लेकिन अंदर से वह बहुत दुखी और क्रोधित था। वह अपने आप को एक भेड़िया ही समझता था और इस बात से दुखी था कि अन्य भेड़िये उससे इतनी घृणा करते थे।

वह लगभग रोते हुए बोला, सुनो! तुम्हें इस गली के बिल्ले का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं है। मैं तो मरते दम तक तुम्हारे जैसे ही भेड़िया रहना चाहता हूँ। लेकिन तुमने इतनी बार मेरे इंसान होने की बात को दोहराई है कि तुम्हारी बातें मुझे सच लगने लगी हैं। इसलिए अब मैं तुम्हें अपना भाई नहीं बुलाऊँगा बल्कि समझूँगा कि तुम आवारा कुत्तों से अधिक कुछ भी नहीं हो। तुम्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है ये तुम्हारी सोच है। लेकिन मैं; एक इंसान का बच्चा आज हिसाब बराबर ही कर दूँगा। मैंने गाँव से वह लाल फूल लाया है जिससे तुम जैसे आवारा कुत्तों की रुह काँप जाती है।

मोगली ने अँगीठी को जमीन पर फेंक दिया। कुछ जलते हुए अंगारों से वहाँ पर की सूखी झाड़ियों में आग लग गई। यह देखकर सभा में उपस्थित जानवर डरकर पीछे खिसकने लगे।

अब मोगली ने एक सूखी डाल को आग में डाला और उसका एक सिरा जलने लगा। उसने जलती हुई लकड़ी उठाई और अपने सिर के चारों ओर घुमाने लगा। ऐसा देखकर सारे भेड़िये दुम दबाकर इधर उधर भागने लगे।

बघीरा ने दबी जुबान में कहा, अब सब कुछ तुम्हारे हाथ में है। लेकिन अकेला की जान बख्श देना। याद रहे कि वह तुम्हारा दोस्त है।

आग की लपटों की चमक में मोगली का ताम्बई शरीर और गहरे रंग का दिख रहा था। उसके लंबे बाल हवा में लहराकर बड़ा ही रोमांचक दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। आग की लपटों के थिड़कने से हर जानवर की छाया भी थिड़क रही थी जैसे तालबद्ध नृत्य कर रही हों। अकेला भी डर के मारे याचना की दृष्टि से मोगली की तरफ देख रहा था।

मोगली उन्हें घूर-घूर के देखते हुए बोला, अब पता चला कि तुम डरपोक कुत्तों से ज्यादा कुछ भी नहीं हो। अब मैं अपने लोगों के बीच चला जाऊँगा; यदि वाकई में वे मेरे अपने होंगे। मुझे लगता है कि इस जंगल के दरवाजे मेरे लिए सदा के लिए बंद हो चुके हैं। मैं तुम्हारे साथ बिताए हर पल को भूलने की कोशिश करूँगा। लेकिन मुझे लगता है कि खून का रिश्ता न होने के बावजूद तुम सब मेरे भाई थे। इसलिये मैं यह वादा करता हूँ कि जब मैं सही मायने में इंसान बन जाऊँगा तब भी मैं अन्य इंसानों की तरह तुमसे धोखा नहीं करूँगा।


Copyright © excellup 2014