क्लास 5 हिंदी

नन्हा फनकार

इस कहानी में एक बाल शिल्पकार और बादशाह अकबर के बीच हुई छोटी बातचीत का जिक्र है। दस वर्ष का केशव अपने माँ बाप के साथ उस जगह पर रहता था जहाँ फतेहपुर सीकरी में नया शहर बसाने के लिए काम चल रहा था। केशव के माता पिता गुजरात से आए थे।

केशव के पिता ने उसे पत्थरों पर नक्काशी करना सिखाया था। अपनी उम्र के हिसाब से केशव के काम में बहुत सफाई थी। उसके काम को देखकर अकबर भी चकित हो गए थे। अकबर ने उससे कुछ बातें कीं और उससे नक्काशी सीखने की इच्छा जाहिर की।

बाद में अकबर ने कहा कि जब आगरे में कारखाना बनेगा तो उसमें केशव को भी नौकरी मिलेगी।

केशव की घंटियाँ

प्रश्न 1: “माशा अल्लाह, ये घंटियाँ कितनी सुंदर हैं। तुमने खुद बनाई हैं?”

बादशाह अकबर ने यह बात किसलिए कही होगी?

  1. केशव के काम की तारीफ में
  2. यह जानने के लिए कि घंटियाँ कितनी सुंदर हैं
  3. केशव से बातचीत शुरु करने के लिए
  4. घंटियाँ किसने बनाईं, यह जानने के लिए
  5. क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि 10 साल का बच्चा केशव इतनी सुंदर घंटियाँ बना सकता है।
  6. कोई और कारण जो तुम्हें ठीक लगता हो

उत्तर: (e) क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि 10 साल का बच्चा केशव इतनी सुंदर घंटियाँ बना सकता है।

प्रश्न 2: केशव पत्थर पर घंटियाँ तथा कड़ियाँ तराश रहा था। उसके द्वारा तराशी जा रही घंटियों और कड़ियों का चित्र अपनी कॉपी में बनाओ। तुम्हें क्या कोई खास इमारत याद आ रही है जिसमें नक्काशी की गई हो। संभव हो तो उसकी तस्वीर चिपकाओ।

उत्तर: कुतुब मीनार

कहानी से

प्रश्न 3: अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी अच्छी क्यों नहीं लगी?

उत्तर: अकबर को केशव के साथ बातचीत करने में मजा आ रहा था। अकबर चाहते थे कि इसमें कोई खलल न पड़े। इसलिए अकबर को पहरेदार की दखलंदाजी अच्छी नहीं लगी।

प्रश्न 4: “लगता है कोई बहुत बड़ा आदमी है”, यहाँ पर बड़े आदमी से केशव का क्या मतलब है?

उत्तर: बड़े आदमी से केशव का मतलब है कोई संपन्न और ऊँचे ओहदे का व्यक्ति।

प्रश्न 5: “खरगोश की सी कातर आँखें”

पशु पक्षियों से तुलना करते हुए और भी बहुत सी बातें कही जाती हैं, जैसे – “हिरन जैसी चाल।“ ऐसे ही कुछ उदाहरण तुम भी बताओ।

उत्तर: बाज जैसी तेज नजर

चीते जैसी गति

कछुआ जैसा सुस्त

शेर जैसा बहादुर

प्रश्न 6: अकबर ने जब नक्काशी सीखना चाहा, तो केशव ने उन्हें संदेहभरी नजरों क्यों देखा?

उत्तर: केशव को लगता था कि पत्थरों पर नक्काशी करना मजदूरों का काम है। अकबर के साफ सुथरे कपड़े और गले में मोतियों की माला से पता चलता था कि अकबर कोई बड़े आदमी थे। ऐसा आदमी मजदूरी नहीं करता। इसलिए केशव ने उन्हें संदेहभरी नजरों से देखा।

प्रश्न 7: केशव दस साल का है। क्या उसकी उम्र के बच्चों का इस तरह के काम से जुड़ना ठीक है? अपने उत्तर के कारण जरूर बताओ।

उत्तर: खतरनाक कामों में बाल मजदूरी अच्छी नहीं होती। दस साल के बच्चे की आयु खेलने कूदने और पढ़ने की होती है। मजदूरी करने से उसका बचपन छिन जाता है। इसलिए केशव की उम्र के बच्चों का इस तरह के काम से जुड़ना ठीक नहीं है।

प्रश्न 8: “केशव बार बार सबको सुनाता।“

केशव सबसे क्या कहता होगा? कल्पना करके केशव के शब्दों में लिखो।

उत्तर: पता है आज क्या हुआ? आज जब मैं पत्थर पर नक्काशी कर रहा था तो साक्षात बादशाह अकबर मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझसे नक्काशी करना भी सीखा। मुझे तो अपनी आँखों पर यकीन नहीं हुआ। अभी भी मुझे लगता है कि मैं सपना देख रहा था।

शब्दों की निराली दुनिया

प्रश्न 1: नक्काशी जैसे किसी एक काम को चुनो (बढ़ईगिरी, मिस्त्री, इत्यादि) जिसमें औजारों का इस्तेमाल होता है। उन खास औजारों के नाम और काम पता करके लिखो।

उत्तर: बढ़ईगिरी: रांदा, आरी, बँसुली, छेनी, हथौड़ा

बिजली मिस्त्री: संड़सी, पेचकस, टेस्टर, हथौड़ा

प्रश्न 2: छेनी, हथौड़ा, तराशना, किरचें – ये सब पत्थर के काम से जुड़े हुए शब्द हैं। लकड़ी के दुकानदार और बढ़ई से बात करके लकड़ी के काम से जुड़े शब्द इकट्ठे करो और कक्षा में उन पर सामूहिक रूप से बातचीत करो। कुछ शब्द हम यहाँ दे रहे हैं। आरी, रंगा, बुरादा, प्लाई, सूत

उत्तर: स्वयं करो

प्रश्न 3: कटाव शब्द कट क्रिया से पैदा हुआ है। नीचे लिखी संज्ञाएँ किन क्रियाओं से बनी हैं? इन संज्ञाओं का अर्थ समझो और वाक्य में प्रयोग करो।

(a) चुनाव

उत्तर: (चुन): हर पाँच साल पर आम चुनाव होते हैं।

(b) पड़ाव

उत्तर: (पड़ना): थोड़ी ही दूर जाने पर आपको बस पड़ाव मिल जाएगा।

(c) बहाव

उत्तर: (बहना): नदी का बहाव बहुत तेज है।

(d) लगाव

उत्तर: (लगना): केशव का अपने पिता से बहुत लगाव है।

प्रश्न 4: “लड़के ने जल्दी जल्दी कोई प्रार्थना बुदबुदाई।“

इस वाक्य के अंतिम शब्द और नीचे लिखे शब्दों में क्या अंतर है? वाक्य बनाकर अंतर स्पष्ट करो।

(a) फुसफुसाना

उत्तर: केशव अपने पिता के कान में फुसफुसा कर बोला।

(b) बड़बड़ाना

उत्तर: दादी कुछ अनाप शनाप बड़बड़ा रही है।

(c) भुनभुनाना

उत्तर: सिपाही गुस्से में भुनभुना रहा था।

प्रश्न 5: “बेवकूफ, खड़ा हो। हुजूरे आला के सामने बैठने की जुर्रत कैसे की तूने। झुककर इन्हें सलाम कर।“

महल के पहरेदार ने केशव से यह इसलिए कहा, क्योंकि

  1. बादशाह के सामने बैठे रहना उनका अपमान करने जैसा है।
  2. पहरेदार यह कहकर अपनी वफादारी दिखाना चाहता था।
  3. पहरेदार को बादशाह के आने का पता नहीं चला, इसलिए वह घबरा गया।
  4. बादशाह का केशव से बात करना पहरेदार को अच्छा नहीं लगा।

उत्तर: (a) बादशाह के सामने बैठे रहना उनका अपमान करने जैसा है।

(b) पहरेदार यह कहकर अपनी वफादारी दिखाना चाहता था।

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