राख की रस्सी

यह कहानी तिब्बत की है। एक मंत्री है जो बहुत चालाक और हाजिरजवाब है, जैसे कि बीरबल था। लेकिन मंत्री का बेटा भोला भाला है। मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहता है। उसे दुनियादारी की समझ हो इसके लिए मंत्री उसे कुछ काम देकर दूसरी जगह भेजता है।

एक बार मंत्री एक सौ भेड़ें देकर बेटे को भेजता है और कहता है कि उनपर एक सौ बोरियाँ जौ लेकर आए। मंत्री के बेटे की मुलाकात एक होशियार लड़की से होती है। लड़की के कहने पर वह भेड़ों के बाल काट देता है और उन्हें बेचकर सौ बोरियाँ जौ ले आता है।



दूसरी बार उसे फिर से सौ बोरियाँ जौ लाने भेजा जाता है। इस बार उस लड़की के कहने पर वह उन भेड़ों के सींग काटकर बेच देता है। बदले में सौ बोरियाँ जौ ले आता है।

तीसरी बार मंत्री अपने बेटे को राख की रस्सी लाने को कहता है। इस बार वह लड़की एक रस्सी को सिल पर रखकर जला देती है। जलने बाद रस्सी के आकार की राख की ढ़ेर सिल पर रह जाती है। बेटा सिल समेत राख ले आता है। जैसा कि लड़की ने कहा था वह अपने पिता को राख की रस्सी गले में पहने को कहता है।

मंत्री उस लड़की की होशियारी देखकर चकित और खुश हो जाता है। फिर वह उस लड़की से अपने बेटे की शादी करा देता है।

अभ्यास

प्रश्न 1: तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

(a) तुम्हारे विचार से वे किन-किन बातों के बारे में सोचकर परेशान होते थे?

उत्तर: मंत्री को लगता होगा कि उसका बेटा आगे की जिंदगी कैसे जिएगा। उसे लगता होगा कि उसके भोले भाले बेटे को कोई भी आसानी से ठग लेगा।

(b) तुम तिब्बत के मंत्री की जगह होते तो क्या उपाय करते?

उत्तर: मैं यदि तिब्बत के मंत्री की जगह होता तो बेटे को किसी अच्छे स्कूल में या फिर किसी मोटिवेशन कोचिंग के लिए भेजता।


प्रश्न 2: मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।

(a) मंत्री ने अपने बेटे को शहर क्यों भेजा था?

उत्तर: मंत्री चाहता था कि उसका बेटा दुनिया देखे और जीवन के बारे में सीखे। ऐसा माना जाता है कि गाँव की तुलना में शहर का जीवन अधिक मुश्किल होता है। इसलिए उसने अपने बेटे को शहर भेजा था।

(b) उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर में ही क्यों भेजा?

उत्तर: मंत्री यह देखना चाहता होगा कि रुपए पैसों के बगैर किसी अन्य संसाधन का इस्तेमाल उसका बेटा कर पाता है या नहीं। इसलिए उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर भेजा होगा।

(c) तुम्हारे घर के बड़े लोग पहले कहाँ रहते थे? घर में पता करो। आस-पड़ोस में भी किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता करो जो किसी दूसरी जगह जाकर बस गया हो। उनसे बातचीत करो और जानने की कोशिश करो कि क्या वे अपने निर्णय से खुश हैं। क्यों? एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे से बात करो। यह भी पूछों कि उन्होंने वह जगह क्यों छोड़ दी?

उत्तर: ऐसा अक्सर होता है कि लोग रोजगार की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूँ जो रोजगार की तलाश में अपने गाँव से बड़े शहरों में रहने गए हैं। इनमें से अधिकतर लोग इसलिए खुश हैं कि उनकी कमाई अच्छी हो गई है। लेकिन गाँव से रिश्ता नाता टूट जाने के कारण वे दुखी भी रहते हैं।

प्रश्न 3: जौ एक तरह का अनाज है जिसे कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी रोटी बनाई जाती है, सत्तू बनाया जाता है और सूखा भूनकर भी खाया जाता है। अपने घर में और स्कूल में बातचीत करके कुछ और अनाजों के नाम पता करो।

उत्तर: गेहूँ, मक्का, धान, अरहर, मसूर, चना

प्रश्न 4: गेहूँ और जौ अनाज होते हैं और ये तीनों शब्द संज्ञा हैं। गेहूँ और जौ अलग-अलग किस्म के अनाजो के नाम हैं इसलिए ये दोनों व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं और अनाज जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार रिमझिम व्यक्तिवाचक संज्ञा है और पाठ्यपुस्तक जातिवाचक संज्ञा है।

(a) नीचे दी गई संज्ञाओं का वर्गीकरण इन दो प्रकार की संज्ञाओं में करो

लेह, धातु, शेरवानी, भोजन, ताँबा, खिचड़ी, शहर, वेशभूषा

उत्तर: जातिवाचक संज्ञा: धातु, भोजन, शहर, वेशभूषा

व्यक्तिवाचक संज्ञा: लेह, शेरवानी, ताँबा, खिचड़ी

(b) ऊपर लिखी हर जातिवाचक संज्ञा के लिए तीन-तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ खुद सोचकर लिखो।

उत्तर:


प्रश्न 5: मंत्री ने बेटे से कहा, “पिछली बार भेड़ों के बाल उतारकर बेचना मुझे जरा भी पसंद नहीं आया।“

(a) क्या मंत्री को सचमुच यह बात पसंद नहीं आई थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

उत्तर: मुझे लगता है कि मंत्री खुश हुआ होगा क्योंकि उसके बेटे ने अपना टास्क पूरा किया था।

(b) पहली बार में मंत्री के बेते ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने ये चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।

उत्तर: भेड़ों के बाल से लोगों ने ऊन बनाई होगी और उससे गर्म कपड़े बनाए होंगे। भेड़ की सींग से खिलौने, बटन और बरतन बने होंगे।

बात को कहने के तरीके

प्रश्न 1: नीचे कहानी से कुछ वाक्य दिए गए हैं। इन बातों को तुम और किस तरह से कह सकते हो।

(a) चैन से जिंदगी चल रही थी।

उत्तर: जिंदगी सुख शांति से बीत रही थी।

(b) होशियारी उसे छूकर भी नहीं गई थी।

उत्तर: अक्ल से उसका दूर दूर से कोई नाता न था।

(c) मैं इसका हल निकाल देती हूँ।

उत्तर: मैं इसका उपाय निकाल देती हूँ।

(d) उनकी अपनी चालाकी धरी रह गई।

उत्तर: उनकी सारी होशियारी धरी रह गई।

प्रश्न 2: लोनपो गार का बेटा होशियार नहीं था।

(a) होशियार और चालाक में क्या फर्क होता है? किस आधार पर किसी को तुम चालाक या होशियार कह सकते हो? इसी प्रकार भोला और बुद्धू के बारे में भी सोचो और कक्षा में चर्चा करो।

उत्तर: होशियार वह होता है तो किसी भी समस्या का हल निकाल ले। होशियार कभी भी किसी को नुकसान नहीं पहुँचाता है। लेकिन जो व्यक्ति अपनी होशियारी से किसी का बुरा करता है उसे चालाक कहते हैं। बुद्धू आदमी को कोई ज्ञान नहीं होता है। लेकिन भोले आदमी के पास ज्ञान होने के बावजूद दुनियादारी की समझ नहीं होती है।

(b) लड़की को तुम समझदार कहोगे या बुद्धिमान? क्यों?

उत्तर: लड़की समझदार लगती है। उसकी पढ़ाई लिखाई के बारे में कहानी में कुछ नहीं बताया गया है। पर उसके पास हर समस्या का हल जरूर है। इसलिए उसे बुद्धिमान नहीं कहेंगे।



Copyright © excellup 2014