9 हिंदी क्षितिज

मेरे बचपन के दिन

महादेवी वर्मा

NCERT Solution

Question 1: ‘मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।‘ इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि

  • उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?

    उत्तर: उस समय लड़कियों की दशा बहुत खराब थी। अधिकतर लड़कियों को जन्म के तुरत बाद ही मार दिया जाता था।
  • लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं?

    उत्तर: आज भी भारत के कई राज्यों में कन्या भ्रूण हत्या का कुकर्म किया जाता है। कई परिवारों में अभी भी लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता है। लड़कियों पर अक्सर कई तरह की बंदिशें लगाई जाती हैं।

Question 2: लेखिका उर्दू फारसी क्यों नहीं सीख पाईं?

उत्तर: लेखिका को उर्दू-फारसी बहुत कठिन भाषा लगती थी। इसलिए मौलवी साहब के आते ही वह छुप जाती थीं। इसलिए वह इन भाषाओं को नहीं सीख पाईं।

Question 3: लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

उत्तर: लेखिका की माँ को पढ़ने लिखने का शौक था। वे यह चाहती थीं कि उनके बच्चे भी खूब पढ़ें। वह बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति की थीं।


Question 4: जवारा के नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा क्यों कहा है?

उत्तर: यहाँ पर लेखिका ने दो संप्रदायों के बीच के प्रगाढ़ संबंध को दिखाया है। उस जमाने में सांप्रदायिकता की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन आजादी के वर्षों के आसपास सांप्रदायिकता की भावना बहुत बढ़ गई थी। ऐसे माहौल में किसी हिंदू का किसी मुसलमान के साथ मेलमिलाप बहुत बड़ी बात हो चुकी थी। इसलिए लेखिका को जवारा नवाब के साथ अपने पारिवारिक संबंध किसी सपने जैसा लगता है।


Question 5: जेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। जेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?

उत्तर: अक्सर इस तरह की मित्रता में कोई भी अपने मित्र की मदद किसी अपेक्षा से नहीं करता है। मैं भी अपने मित्र की मदद इसलिए नहीं करता हूँ कि बदले में मुझे कुछ चाहिए। मैं ऐसा इसलिए करता हूँ कि ऐसा करने में मुझे अंदर तक खुशी मिलती है।

Question 6: महादेवी वर्मा को काव्य प्रतियोगिता में चाँदी का कटोरा मिला था। अनुमान लगाइए कि आपको इस तरह का कोई पुरस्कार मिला हो और वह देशहित में या किसी आपदा निवारण के काम में देना पड़े तो कैसा अनुभव करेंगे/करेंगी?

उत्तर: ऐसा करने में मुझे बहुत संतुष्टि का अनुभव होगा। देशहित के सामने मेरे लिए कोई भी चीज बड़ी नहीं है।