कक्षा १० हिंदी क्षितिज

भदंत आनंद कौसल्यायन

संस्कृति

लेखक की दृष्टि में ‘सभ्यता’ और ‘संस्कृति’ की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?

उत्तर: मानव बहुत ही अकलमंद प्राणी है। वह अपनी अकल के इस्तेमाल से असंख्य आविष्कार कर चुका है। लेकिन इनमें से कुछ आविष्कार का उपयोग मानव अपने स्वयं के विनाश के लिए करता है। इसलिए लेखक को लगता है कि लोगों में सभ्यता और संस्कृति की सही समझ नहीं बन पाई है।

आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?

उत्तर: आग की खोज ने मानव जीवन को क्रांतिकारी ढ़ंग से बदल दिया। आग जैसी शक्तिशाली चीज पर नियंत्रण पाने के बाद मानव दैत्याकार जानवर को भी आसानी से पछाड़ सकता था। वह जंगलों को उजाड़ कर वहाँ की जमीन को अपने लिए अधिक उपयोगी बना सकता था। वह रात के अंधेरे में भी अपना काम कर सकता था। इसलिए आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज मानी जाती है। इस खोज के पीछे संभवत: पेट की आग ही प्रेरणा रही होगी।


वास्तविक अर्थों में ‘संस्कृत व्यक्ति’ किसे कहा जा सकता है?

उत्तर: जो व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है वह संस्कृत व्यक्ति कहलाता है। वह नई खोज आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होती है। हो सकता है कि आने वाली पीढ़ी उस खोज में और सुधार करे लेकिन उसे सबसे पहले आविष्कृत करने वाला व्यक्ति ही अधिक संस्कृत कहलाएगा।

न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?

उत्तर: न्यूटन पहला व्यक्ति था जिसने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांतों की खोज की। उसकी आने वाली पीढ़ियों के लोगों ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को और परिष्कृत किया लेकिन वे न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते क्योंकि उन्होंने किसी अन्य की खोज के ऊपर काम किया।


किन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई धागे का आविष्कार हुआ होगा?

उत्तर: सुई-धागे का आविष्कार मौसम की मार से शरीर को बचाने के लिए और शरीर की साज सज्जा के लिए हुआ होगा।

‘मानव संस्कृति एक अविभाज्य वस्तु है।‘ किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब:

  • मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।

    उत्तर: कार्ल मार्क्स ने मजदूरों के जीवन को सुखी करने के उद्देश्य से अपना सारा जीवन दुख में बिता दिया। यह उदाहरण मानव संस्कृति के एक होने का प्रमाण देता है क्योंकि अपने प्रयास से कार्ल मार्क्स ने समूची मानव जाति की भलाई की कोशिश की।
  • मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गईं।

    उत्तर: जिस वैज्ञानिक ने परमाणु बम का आविष्कार किया उसने मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टा की। क्योंकि परमाणु बम का उपयोग मानव विनाश के लिए किया जाता है।

आशय स्पष्ट कीजिए: मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?

उत्तर: मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है उसे हम असंस्कृति कहेंगे। इस पंक्ति में लेखक ने एक द्वंद भरा सवाल उठाया है। जो वैज्ञानिक मानव विनाश के साधनों का आविष्कार करता होगा वह तो अपनी उपलब्धी पर फूले नहीं समाता होगा। लेकिन वह शायद यह भूल जाता होगा कि उसका आविष्कार कभी भी मानव कल्याण के लिए उपयोगी नहीं हो सकता।

लेखक ने अपने दृष्टिकोण से सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है। आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं, लिखिए।

उत्तर: इस लेख को पढ़ने से पहले मेरी समझ में संस्कृति का मतलब होता था किसी खास सामाजिक समूह की बोल चाल, खान पान और पहनावा आदि। मेरी समझ में सभ्यता का मतलब होता था एक मानव का दूसरे मानव से शालीनता से पेश आना। लेकिन इस लेख को पढ़ने के बाद मैं लेखक से अधिक सहमत हूँ।