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मंगलेश डबराल

संगतकार (अभ्यास)

संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?

उत्तर: संगतकार के माध्यम से कवि हर उस व्यक्ति की तरफ इशारा करती है जो किसी सहारे की भूमिका में होता है। दुनिया के लगभग हर क्षेत्र में किसी एक व्यक्ति की सफलता के पीछे कई लोगों का योगदान होता है। हम और आप उस एक खिलाड़ी या अभिनेता या नेता के बारे में जानते हैं जो सफलता के शिखर पर होता है। लेकिन हम उन लोगों के बारे में नहीं जानते जो उस खिलाड़ी या अभिनेता या नेता की सफलता के लिए नेपथ्य में रहकर अथक परिश्रम करता है।


संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?

उत्तर: संगतकार जैसे व्यक्ति लगभग हर क्षेत्र में दिखाई देते हैं। उदाहरण के लिए किसी स्टार क्रिकेट खिलाड़ी के पीछे उसके ट्रेनर, कोच, मालिशवाले, ब्रांड मैनेजर, आदि की अहम भूमिका होती है।

संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?

उत्तर: संगतकार कई तरह से मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं। वह गायक के सुर को उस समय सहारा देता है जब गायक तार सप्तक पर जाने के प्रयास में कहीं अटक जाता है। वह उस समय स्थायी को पकड़े रहता है जब गायक अंतरे की जटिलताओं में उलझ जाता है। गायक को अकेलापन महसूस न हो इसलिए संगीतकार उसे सहारा देता है।


भाव स्पष्ट कीजिए:
और उसकी आवाज में जो एक हिचक साफ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।

उत्तर: इन सारी प्रक्रिया के दौरान संगतकार की आवाज हमेशा दबी हुई होती है। ज्यादातर लोग इसे उसकी कमजोरी मान लेते होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। वह तो गायक की आवाज को प्रखर बनाने के लिए त्याग करता है और जानबूझकर अपनी आवाज को दबा लेता है।

किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर: सचिन तेंदुलकर इसका एक अच्छा उदाहरण हो सकता है। कहा जाता है कि सचिन के बड़े भाई उसे कोच रमाकांत अचरेकर के पास ले गए थे। इस तरह से बड़े भाई ने छोटे भाई की सफलता के लिए अपनी आकांछाओं की कुर्बानी दी। रमाकांत अचरेकर को लोग सचिन की सफलता के कारण जानते हैं लेकिन सचिन की सफलता में उनके श्रेय की भूमिका कोई नकार नहीं सकता।


कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नजर आता है उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। इस कथन के आलोक में संगतकार की विशेष भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: संगतकार उस अभिन्न सहारे की तरह काम करता है जिसकी जरूरत गायक को हमेशा पड़ती है। सही समय पर सही सुर लगाकर संगतकार एक तरह से गायक को क्लू देता है ताकि उसके आगे वह अपनी गायकी की निरंतरता को बनाए रख सके।

सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?

उत्तर: सफलता का चरम एक खतरनाक स्थिति होती है। वहाँ पर पहुँचकर अच्छे से अच्छा व्यक्ति भी लड़खड़ा सकता है। ऐसे में उसे जरूरत होती है एक ऐसे तंत्र की जो उसे गिरने से बचा सके। यह तंत्र ऐसे व्यक्तियों का समूह होता है जो सफल व्यक्ति को तकनीकी, व्यावसायिक और भावनात्मक सहारा देने का काम करते हैं।



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