Class 10 Hindi Sparsh

निदा फाजली

अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए:

बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे क्यों धकेल रहे थे?

उत्तर: बड़े-बड़े बिल्डर समुद्र को पीछे इसलिए धकेल रहे थे ताकि वे मकान बनाने के लिए जमीन हथिया सकें।

लेखक का घर किस शहर में था?

उत्तर: ग्वालियर

जीवन कैसे घरों में सिमटने लगा है?

उत्तर: जीवन अब माचिस जैसे छोटे घरों में सिमटने लगा है।

कबूतर परेशानी में इधर उधर क्यों फड़फड़ा रहे थे?

उत्तर: कबूतर के दोनों अंडे फूट गए थे। इसलिए वे परेशानी में इधर उधर फड़फड़ा रहे थे।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर २५ – ३० शब्दों में लिखिए

अरब में लश्कर को नूह के नाम से क्यों याद करते हैं?

उत्तर: लश्कर ने एक बार एक कुत्ते को दुत्कार दिया था। इस पर उस कुत्ते ने जवाब दिया था कि कुत्तों और इंसानों में कोई फर्क नहीं होता, क्योंकि दोनों को एक ही भगवान ने बनाया है। इस कारण से लश्कर जिंदगी भर रोते रहे। इसलिए अरब में लश्कर को नूह के नाम से याद किया जाता है।

लेखक की माँ किस समय पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं और क्यों?

उत्तर: लेखक की माँ सूरज ढ़लने के बाद पेड़ों के पत्ते तोड़ने के लिए मना करती थीं। उनका मानना था कि इससे पेड़ रोने लगते हैं।

प्रकृति में आए असंतुलन का क्या परिणाम हुआ?

उत्तर: प्रकृति में आए असंतुलन का बुरा परिणाम हुआ है। अब अधिक गर्मी, अधिक सर्दी और बेवक्त बारिश होती है। अब भूकंप और तूफानों का भी खतरा बढ़ गया है।

लेखक की माँ ने पूरे दिन का रोजा क्यों रखा?

उत्तर: लेखक की माँ को लगता था कि उनकी वजह से कबूतर के अंडे टूट गये थे। वे अपराध बोध से ग्रसित थीं। उन्होंने अपनी गलती की माफी मांगने के लिए पूरे दो दिन का रोजा रखा।

लेखक ने ग्वालियर से बंबई तक किन बदलावों को महसूस किया? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लेखक ने देखा कि ग्वालियर में नए मकानों की इतनी बाढ़ नहीं आई थी कि पशु पक्षियों के लिए जगह ही न बचे। लेकिन बंबई में जंगल के जंगल साफ हो गए थे और उनकी जगह नई बस्तियों ने ले ली थी। इसके कारण असंख्य पशु पक्षियों को बेघर होना पड़ा था।

‘डेरा डालने’ से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: डेरा डालने का मतलब होता है, कहीं पर अस्थाई निवास बनाना। इस पाठ में चिड़ियों द्वारा डेरा डालने की बात की गई है। आपने देखा होगा कि हमारे मकानों के छज्जों और रोशनदानों में अक्सर पंछी अपना घोसला बना लेते हैं। यह उनका प्राकृतिक निवास तो होता नहीं है। लेकिन उनके पास और कोई चारा भी नहीं है, क्योंकि इंसानों ने उनका प्राकृतिक निवास छीन लिया है।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर ५० – ६० शब्दों में दीजिए:

बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: बढ़ती हुई आबादी का पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ा है। बढ़ती हुई आबादी ने समन्दर को पीछे धकेल दिया हैहै और पेड़ों को अपने रास्ते से हटा दिया है। इससे कितने ही पशु पक्षी घर से बेघर हो गए हैं। अब इसके कारण मौसम में अजीबोगरीब बदलाव हो रहे हैं। कहीं सूखा पड़ रहा है तो कहीं बाढ़ आ रही है। पर्यावरण का संतुलन बुरी तरह से बिगड़ चुका है।

लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली क्यों लगवानी पड़ी?

उत्तर: लेखक के फ्लैट में कबूतरों एक घोंसला है जिसमें छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्हें दाना खिलाने के लिए बड़े कबूतर दिन में कई बार आया जाया करते थे। इससे लेखक की दिनचर्या में विघ्न पड़ता था। रोज-रोज की परेशानी से तंग आकर लेखक की पत्नी को खिड़की में जाली लगवानी पड़ी, ताकि कबूतर फिर से उन्हें तंग न कर पाएँ।

समुद्र के गुस्से की क्या वजह थी? उसने अपना गुस्सा कैसे निकाला?

उत्तर: समुद्र को जब जगह कम पड़ने लगी तो पहले तो वह अपनी टाँगें समेटकर बैठ गया। और जगह कम पड़ी तो फिर उकड़ू होकर बैठ गया। और जगह कम पड़ी तो वह खड़ा हो गया। जब उसे ठीक से खड़े होने की जगह भी नहीं मिली तो उसे गुस्सा आ गया। उसने अपना गुस्सा बड़े भयानक रूप से निकाला। उसने तीन जहाजों को उठाकर यहाँ वहाँ पटक दिया।

‘मट्टी से मट्टी मिले,
खो के सभी निशान,
किसमें कितना कौन है,
कैसे हो पहचान’
इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: सभी जीव मिट्टी से बने हुए हैं और मरने के बाद सब मिट्टी में मिल जाते हैं। जीव विज्ञान में हमने पढ़ा है कि किस तरह से कुछ अजैविक पदार्थों के मेल से एक जीव का निर्माण होता है और मरने के बाद वे सारे पदार्थ अपघटन की क्रिया द्वारा फिर से वातावरण में वापस हो जाते हैं। मिट्टी को देखकर कोई भी नहीं पकड़ सकता कि इसमें किन किन जीवों से पदार्थ आए हैं। मनुष्य होने के नाते हम इस घमंड में रहते हैं हम अन्य जीवों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ हैं। लेकिन मूल तौर पर सभी जीवों का महत्व एक समान है।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए:

नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था।

उत्तर: नेचर हमारी गलतियों को बहुत हद तक बर्दाश्त करता है। लेकिन जब हम वो हदें पार कर जाते हैं तो फिर नेचर अपना गुस्सा दिखाता है। यह हमें प्राकृतिक विपदाओं और उनसे आई तबाही के रूप में दिखता है।

जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।

उत्तर: छोटे प्राणियों और छोटे दिल के लोगों को जल्दी गुस्सा आता है। लेकिन उनका गुस्सा भी क्षणिक होता है। बड़े प्राणियों और बड़े दिल वाले लोगों को देर से गुस्सा आता है। लेकिन जब उन्हें गुस्सा आता है तो फिर सामने वाले की खैर नहीं होती।

इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ वहाँ डेरा डाल लिया है।

उत्तर: यह हाल किसी भी नई बस्ती में हो सकता है। आज हर बड़े शहर में लाखों की संख्या में फ्लैट बन रहे हैं। इन फ्लैटों को बनाने के लिए जंगल साफ किए जा रहे हैं और ताल तलैयों को भरा जा रहा है। इस कारण से असंख्य पशु पक्षियों से उनका घर छीन लिया जा रहा है। अधिकाँश पशु पक्षी फिर वहाँ से कहीं और चले जाते हैं। जो नहीं जा पाते हैं वे इंसानों के मकानों में ही अपना डेरा डाल देते हैं।

शेख अयाज के पिता बोले, ‘नहीं, यह बात नहीं है। मैंने एक घरवाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।‘ इन पंक्तियों में छिपी हुई भावना को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: शेख अयाज के पिता में अन्य जीवों के लिए सम्मान की भावना थी। उन्हें लगा कि चींटी को बेघर करना अच्छी बात नहीं है। इसलिए वे उस चींटी को कुएँ पर छोड़ने जा रहे थे ताकि किसी पाप से बच सकें।