गारो

यह कहानी एक लोककथा पर आधारित है। इस कहानी में गारो जनजाति की उत्पत्ति और इतिहास का वर्णन है। हजारों वर्ष पहले गारो प्रजाति के लोग चीन और तिब्बत की घाटियों में खानाबदोश जीवन जीते थे। इस प्रकार के जीवन में अक्सर उन्हें खतरों का सामना करना पड़ता था। जा पा जलिन पा और सुक पा बुंगि पा नाम के दो महापुरुषों अपने लोगों को समझाया कि ऐसे स्थान पर चलते हैं जहाँ एक स्थाई जीवन जीना संभव हो। उसके बाद वे कई वर्षों तक हजारों मील चलते हुए कुचविहार नामक स्थान पर पहुँचे। कुचविहार आधुनिक पश्चिम बंगाल में पड़ता है। लेकिन उस जमाने में वहाँ पर असम के राजा का शासन था। जब असम के राजा ने गारो लोगों को आगे बढ़ने से रोका तो जलिन पा और बुंगि पा ने राजा को समझाया। फिर असम के राजा ने एक गारो कन्या से शादी की और उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी। उसके बाद वे लोग गारो की पहाड़ियों में पहुँचे। वह पहाड़ी हर दृष्टि से उचित थी। वहाँ पर प्राकृतिक संपदाओं और वन्य जीवों की बहुतायत थी। गारो जनजाति के लोग फिर उस इलाके में सदा के लिए बस गये।


पाठ संबंधी प्रश्न

(क) पाठ के आधार पर गारो जनजाति के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखो।

उत्तर: गारो लोग शांतिप्रिय और मेहनती होते हैं। वे प्रकृति को प्यार करते हैं। वे अपनी विरासत का सम्मान करते हैं।

(ख) गारो लोग एक स्थान पर क्यों बस जाना चाहते थे?

उत्तर: गारो लोग खानबदोश जीवन जीते थे। ऐसे जीवन में कई मुसीबतें आती थीं, जैसे प्रतिकूल मौसम, हिंसक जीवों से खतरा, आदि। इन मुसीबतों से छुटकारा पाने के लिए वे एक स्थान पर बस जाना चाहते थे।

(ग) जा पा जलिन पा और सुक पा बुंगि पा का नाम आदर से क्यों लिया जाता है?

उत्तर: जा पा जलिन पा और सुक पा बुंगि पा महापुरुष थे। इन दोनों महापुरुषों ने गारो लोगों को एक सुनहरे भविष्य का रास्ता दिखाया। जलिन पा और सुक पा के निर्देशों का पालन करने के कारण गारो लोग एक स्थाई और खुशहाल जीवन शुरु कर पाये। इसलिए उन महापुरुषों का नाम आदर से लिया जाता है।


सोचो और जवाब दो

(क) जंगलों से हमें कौन-कौन सी चीजें प्राप्त होती हैं?

उत्तर: जलावन की लकड़ी, जड़ी-बूटी, शहद और भोजन

(ख) गारो पहाड़ किस प्रदेश में हैं? मानचित्र पर उस प्रदेश का नाम लिखो।

उत्तर: मेघालय




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