class 10 hindi kritika main kyon likhta hun ncert exercise solution

अज्ञेय

मैं क्यों लिखता हूँ

लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?

उत्तर: लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव से बाहरी प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव उतना गहरा नहीं होता कि मन को अंदर तक झकझोड़ कर रख दे। वहीं दूसरी ओर, अनुभूति ऐसी चीज होती है तो मन को अंदर तक आंदोलित कर देती है जिससे एक कृतिकार के अंदर से रचना का सोता फूट पड़ता है और उससे नई रचना का निर्माण होता है।

लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?

उत्तर: जब लेखक ने उस पत्थर को देखा जिसपर रेडियोधर्मी किरणों की अमिट तस्वीर छप चुकी थी तो उसे हिरोशिमा में बम वाली घटना की अनुभूति हुई। उस अनुभूति ने उसे हिरोशिमा का भोक्ता बना दिया। लेखक के भीतर की आकुलता बुद्धि के क्षेत्र से बढ़कर संवेदना के क्षेत्र में आ गई।


मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि

कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ वाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये वाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?

उत्तर: ये बाह्य दबाव कई हो सकते हैं। उदाहरण के लिए संपादक का आग्रह, प्रकाशक का तकाजा, आर्थिक विवशता, आदि।


क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं, कैसे?

उत्तर: बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित नहीं करते हैं, बल्कि अन्य रचनाकारों को भी प्रभावित करते हैं। जैसे कोई अभिनेता किसी निर्देशक के आग्रह के कारण, या निर्माता के तकाजे के कारण काम करता है। कई नामी गिरामी पेंटर कई बार किसी मशहूर हस्ती के आग्रह पर भी पेंटिंग बनाते हैं।

हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंत: व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है यह आप कैसे कह सकते हैं?

उत्तर: हिरोशिमा में लगे स्मारक पत्थर ने लेखक के लिए बाह्य दबाव का काम किया था। उसके पहले लेखक ने कुछ लेख भी लिखे थे लेकिन वह उनसे संतुष्ट नहीं था। लेकिन उस पत्थर ने लेखक को अवाक कर दिया और उसके अंदर एक आंतरिक दबाव बनाने में मदद की। इस प्रकार से यह कहा जा सकता है कि हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंत: व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है।


हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ और किस तरह से हो रहा है।

उत्तर: आज विज्ञान का दुरुपयोग कई तरह से हो रहा है। दुनिया के अग्रणी देश जीवाश्म इंधनों का बढ़ चढ़कर उपयोग कर रहे हैं जिससे हमारा पर्यावरण धीरे-धीरे विनाश की ओर बढ़ रहा है। कई वैज्ञानिक आज इंसानों के क्लोन बनाने की बात कर रहे हैं। कई देश एक से बढ़कर एक जैविक हथियार तैयार कर रहे हैं।

एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका है?

उत्तर: विज्ञान का दुरुपयोग रोकने के लिए सबसे पहले मैं अपने आप से शुरुआत करूँगा। मैं ये कोशिश करूँगा कि मेरे कारण पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुँचे। उसके बाद मैं अपने समाज में विज्ञान के दुरुपयोग के बारे में जागरूकता फैलाउंगा।



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