बाज और साँप

NCERT Solution

प्रश्न 1: लेखक ने इस कहानी का शीर्षक कहानी के दो पात्रों के आधार पर रखा है। लेखक ने इस कहानी के लिए बाज और साँप को ही क्यों चुना होगा? क्या यही कहानी किसी और पात्रों द्वारा भी कही जा सकती है? आपस में चर्चा कीजिए।

उत्तर: बाज और साँप एक दूसरे उतने ही विपरीत हैं जितने की उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव। बाज रफ्तार और स्वतंत्रता का प्रतीक है जबकि साँप मंथर गति का प्रतीक है जिसकी दुनिया में विस्तार नाम की चीज नहीं है। बाज एक नजर में सैंकड़ों मील तक नजर रख सकता है जबकि साँप का परिप्रेक्ष्य बहुत छोटा होता है। इसलिए लेखक ने शीर्षक के लिये इन्हें चुना होगा। ऐसी कहानी तितली और तिलचट्टे को लेकर भी बनाई जा सकती है।

प्रश्न 2: घायल होने के बाद भी बाज ने यह क्यों कहा, “मुझे कोई शिकायत नहीं है।“ विचार प्रकट कीजिए।

उत्तर: बाज ने अपनी जिंदगी भरपूर जी थी। उसने लगभग पूरी दुनिया देखी हो। उसने सूर्य को बहुत नजदीक से देखा हो। वह पूरे आकाश पर राज करता रहा होगा। इसलिए उसे अपनी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है।

प्रश्न 3: बाज जिंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा फिर भी घायल होने का बाद भी वह उड़ना क्यों चाहता था?

उत्तर: यहाँ पर उड़ने का मतलब उस असीम आजादी से है जिसका आनंद बाज जैसे पक्षी उठाते हैं। उनका दायरा काफी बड़ा होता है। वैसे जीव को अगर किसी अंधेरे कोटर में रहना पड़े तो उसका दम घुटने लगेगा। इसलिए घायल होने के बाद भी बाज उड़ना चाहता था।

प्रश्न 4: साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था। फिर उसने उड़ने की कोशिश क्यों की?

उत्तर: बाज के कथन से साँप का कौतूहल बढ़ गया होगा। इसलिए उसने उड़ने की कोशिश की थी।

प्रश्न 5: बाज के लिए लहरों ने गीत क्यों गाया था?

उत्तर: बाज एक बहादुर की तरह वीरगति को प्राप्त हुआ था। इसलिए लहरों ने उसके लिए गीत गाया था।

प्रश्न 6: घायल बाज को देखकर साँप खुश क्यों हुआ होगा?

उत्तर: घायल बाज को देखकर साँप को उससे किसी खतरे का अहसास नहीं हुआ होगा। इसलिए घायल बाज को देखकर साँप खुश हुआ होगा।



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