इंडो चीन का राष्ट्रवाद

NCERT Solution

प्रश्न 1: निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें:

(a) उपनिवेशकारों के ‘सभ्यता मिशन’ का क्या अर्थ था।

उत्तर: उपनिवेशकारों को लगता था कि वे ‘विकसित’ थे और अन्य देशों के लोग पिछ्ड़े थे। उन्हें अपनी संस्कृति सबसे उत्तम लगती थी और अन्य संस्कृतियों को वे हेय दृष्टि से देखते थे। उपनिवेशकारों का ऐसा मानना था कि ‘विकसित’ होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि पिछड़े लोगों को सभ्यता के पाठ पढ़ाएँ। यही उनके सभ्यता मिशन का अर्थ था।


(b) हुइन फू सो

उत्तर: इसी तरह के आंदोलनों में से एक था होआ हाओ, जिसकी शुरुआत 1939 में हुई थी और जो मेकॉन्ग डेल्टा के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हुआ था। इस आंदोलन के जनक का नाम था हुइन फू सो, जो कई तरह के चमत्कार किया करते थे और गरीबों की मदद करते थे। हुइन फू सो अनाप शनाप खर्चे की आलोचना करते थे और बहुत लोकप्रिय थे। उन्होंने कई सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आंदोलन चलाया; जैसे बाल विवाह, जुआ, शराब और अफीम।

फ्रेच शासकों ने हुइन फू सो के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। हुइन फू सो को पागल करार कर दिया और उसे पागल बोन्ये का नाम दिया गया। उसे एक पागलखाने में डाल दिया गया। लेकिन जो डॉक्टर उसे पागल होने का सर्टिफिकेट देने पहुँचा वही उसका प्रशंसक बन गया। अंत में उसे देशनिकाला देकर लाओस भेज दिया गया। उसके कई अनुयायियों को कॉन्संट्रेशन कैंपों में डाल दिया गया।

प्रश्न 2: निम्नलिखित की व्याख्या करें:

(a) वियतनाम के केवल एक तिहाई विद्यार्थी ही स्कूली पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर पाते थे।

उत्तर: फ्रांसीसी अफसरों की नीति थी कि जानबूझकर फ्रेंच के फाइनल इम्तिहान में वियतनाम के छात्रों को फेल कर दिया जाता था। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि वियतनाम के लोग ऊँचे पदों पर न पहुँच पाएँ। इसलिए वियतनाम के एक तिहाई विद्यार्थी ही स्कूली पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर पाते थे।

(b) फ्रांसीसियों ने मेकॉंग डेल्टा क्षेत्र में नहरें बनवाना और जमीनों को सुखाना शुरु किया।

उत्तर: फ्रांसीसियों ने फसल की पैदावार बढ़ाने के उद्देश्य से मेकांग डेल्टा की जमीन को सींचने के लिये नहर बनाने शुरु कर दिये। इन नहरों से चावल की पैदावार बढ़ाने में काफी मदद मिली। इसकी पुष्टि इस बात से होती है कि 1900 में कुल 274,000 हेक्टेअर के मुकाबले 1930 में 11 लाख हेक्टेअर पर धान की खेती होने लगी थी। 1931 आते-आते वियतनाम में होने वाली धान की कुल उपज का दो तिहाई हिस्सा निर्यात होने लगा, और वियतनाम धान निर्यात करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया था।


(c) सरकार ने आदेश दिया कि साइगॉन नेटिव गर्ल्स स्कूल उस लड़की को वापस कक्षा में ले, जिसे स्कूल से निकाल दिया गया था।

उत्तर: एक लड़की ने वियतनामी संस्कृति के मखौल उड़ाए जाने का विरोध किया। उसके बदले में उस लड़की को स्कूल से निकाल दिया गया। लड़की को मिलने वाली सजा के विरोध में भारी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया। आखिरकार, सरकार को लोगों के विरोध के आगे झुकना पड़ा। सरकार ने आदेश दिया कि साइगॉन नेटिव गर्ल्स स्कूल उस लड़की को वापस कक्षा में ले।

(d) हनोई के आधुनिक नवनिर्मित इलाकों में चूहे बहुत थे।

उत्तर: हनोई शहर के निर्माण में अत्याधुनिक अभियंत्रण और वास्तुकला का इस्तेमाल किया गया था। उपनिवेशी शासकों के लिए बने सुंदर शहर में चौड़ी सड़कें और नालियाँ थीं। लेकिन स्वच्छता के मिसाल के तौर पर बड़ी नालियों में चूहों की जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी। इसका नतीजा यह हुआ कि हनोई शहर में प्लेग की महामारी फैल गई।

प्रश्न 3: टोंकिन फ्री स्कूल की स्थापना के पीछे कौन से विचार थे? वियतनाम में औपनिवेशिक विचारों के लिहाज से यह उदाहरण कितना सटीक है?

उत्तर: वियतनाम के लोगों को फ्रेंच भाषा और संस्कृति की शिक्षा देने के उद्देश्य से टोंकिन फ्री स्कूल की स्थापना हुई थी। दरअसल, उपनिवेशकारी यह चाहते थे कि क्लर्कों की एक फौज तैयार की जा सके जिसको छोटे-मोटे काम पर लगाया जा सके। फ्रेंच शासक वियतनाम के लोगों पर फ्रेंच संस्कृति को भी थोपना चाहते थे।

प्रश्न 4: वियतनाम के बारे में फान यू त्रिन्ह का उद्देश्य क्या था? फान बोई चाक और उनके विचारों में क्या भिन्नता थी?

उत्तर: फान यू त्रिन्ह और फान बोई चाउ के बीच काफी मतभेद थे। फान बोई चाक राजतंत्र के पक्षधर थे जबकि फान यू त्रिन्ह प्रजातंत्र की वकालत करते थे। फान बोई चाउ पुरानी व्यवस्था की ओर लौटना चाहते थे, जबकि फान यू त्रिन्ह उदारवाद और लोगों की स्वच्छंदता पर बल देते थे। लेकिन दोनों का उद्देश्य एक ही था, “वियतनाम को गुलामी से मुक्ति दिलाना।“


प्रश्न 5: इस अध्याय में आपने जो पढ़ा है, उसके हवाले से वियतनाम की संस्कृति और जीवन पर चीन के प्रभावों की चर्चा करें।

उत्तर: वियतनाम और चीन के तार प्राचीन काल से ही आपस में जुड़े हुए रहे हैं। वियतनाम सिल्क रूट के जलीय मार्ग पर स्थित है, इसलिए यहाँ हमेशा से चीनी संस्कृति का आयात होता रहा है। इसे समझने के लिए वियतनाम की धार्मिक मान्यताओं को देखने पर पता चलता है कि इसपर बौद्ध धर्म, कंफ्यूशियस और स्थानीय परंपराओं का प्रभाव है। हम जानते हैं बौद्ध धर्म भारत से आया था, और कंफ्यूशियस के विचार चीन से आये थे। वियतनाम के अभिजात वर्ग की कामकाज की भाषा चीनी थी।

प्रश्न 6: वियतनाम में उपनिवेशवाद-विरोधी भावनाओं के विकास में धार्मिक संगठन की भूमिका क्या थी?

उत्तर: इस अध्याय में हमने देखा कि वियतनाम की धार्मिक मान्यताओं पर बौद्ध धर्म, कंफ्यूशियस और स्थानीय परंपराओं का प्रभाव है। फ्रांस से आई मिशनरियों द्वारा वहाँ इसाई धर्म के प्रचार प्रसार की कोशिश की जा रही थी जो स्थानीय लोगों को पसंद नहीं आया। अठारहवीं सदी से ही पश्चिमी मान्यताओं के विरोध में कई धार्मिक आंदोलन शुरु हो चुके थे। इसाई धर्म के खिलाफ होने वाले आंदोलनों का एक उदाहरण है 1868 का स्कॉलर रिवोल्ट।

प्रश्न 7: वियतनाम युद्ध में अमेरिकी हिस्सेदारी के कारणों की व्याख्या करें। अमेरिका के इस कृत्य से अमेरिका में जीवन पर क्या असर पड़े?

उत्तर: वियतनाम में कम्यूनिस्ट पार्टी की सरकार बनने से अमेरिकी सरकार को यह डर सताने लगा कि आसपास के क्षेत्रों में भी वैसी ही सरकारें बनेंगी। अमेरिका हर हाल में कम्युनिज्म को फैलने से रोकना चाहता था, इसलिए उसने वियतनाम पर आक्रमण कर दिया। अमेरिका में अधिकतर लोग वियतनाम में अमेरिकी दखल का विरोध कर रहे थे। कई तत्कालीन विचारकों को लगता था कि ऐसे युद्ध में पड़ना ही नहीं चाहिए जिसमें जीत की संभावना नगण्य हो। अमेरिकी मीडिया दो धड़ों में बँटी हुई थी। कुछ उस युद्ध की तारीफ कर रहे थे तो कुछ आलोचना।


प्रश्न 8: अमेरिका के खिलाफ वियतनामी युद्ध का निम्नलिखित दृष्टिकोण से मूल्यांकन कीजिए:

(a) हो ची मिन्ह भूलभुलैया मार्ग पर माल ढ़ोने वाला कुली।

उत्तर: हो ची मिन्ह भूलभुलैया मार्ग पर माल ढ़ोने वाले कुली के लिए अमेरिका ऐसा दुश्मन लगता होगा जिसे हर हाल में परास्त करना जरूरी था। वह अपनी जान पर खेलकर वियतनाम के लिए लड़ने वाले सैनिकों के लिए रसद पहुँचाने में जुट जाता था। जब अमेरिका के बमवर्षक विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई देती होगी तो उस कुली को झटपट छुपने के लिए भागना पड़ता होगा। विमानों के गुजर जाने के बाद वह एक नये जोश के साथ अपने रास्ते पर आगे बढ़ता होगा।

(b) एक महिला सिपाही

उत्तर: महिलाओं के लिए वह युद्ध अतिरिक्त जिम्मेदारी लेकर आया होगा। पहले तो महिलाओं पर केवल परिवार पालने की जिम्मेदारी थी। लेकिन युद्ध के दौरान अपनी मातृभूमि की रक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल गई होगी। यह युद्ध उनके लिये वह मौका था जिसमें वह सार्वजनिक जीवन में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले सकें।

प्रश्न 9: वियतनाम में साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष में महिलाओं की क्या भूमिका थी? इसकी तुलना भारतीय राष्ट्रवादी संघर्ष में महिलाओं की भूमिका से कीजिए।

उत्तर: महिलाओं ने हो ची मिन्ह मार्ग में सप्लाई को सुचारु रूप से चलाने में अहम योगदान दिया। युद्ध में भी इन महिलाओं की सक्रिय भूमिका थी। शांति काल में महिलाओं ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में पूरी जिम्मेदारी उठाई। भारत के स्वाधीनता संग्राम में महिलाओं का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक महत्ता के लिये हुआ था। हम कह सकते हैं कि भारत में महिलाओं की भूमिका केवल नेपथ्य से उचित समर्थन देने भर की थी।



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