गुब्बारे पर चीता

प्रेमचंद

यह एक लघु कथा है जिसमें एक बच्चे और एक चीते के बारे में बताया गया है। बच्चा स्कूल में पढ़ता है और सर्कस देखना चाहता है। लेकिन हेडमास्टर के मना करने के कारण कोई भी उस बच्चे के साथ सर्कस देखने नहीं जाना चाहता है। एक शनिवार को बच्चा (बलदेव) स्कूल से भागकर सर्कस पहुँचता है, टिकट खरीदता है और फिर अंदर चला जाता है। सर्कस में जानवरों की दुर्दशा देखकर बच्चे को निराशा होती है। इसी बीच एक चीता अपने पिंजरे में से भाग निकलता है। उससे मची खलबली में बलदेव और चीता एक गुब्बारे पर सवार हो जाते हैं और आसमान में उड़ने लगते हैं। दोनों डरे हुए होते हैं। चीता धरती पर गिर कर जान गंवा देता है। बलदेव किसी तरह से एक नदी में कूदकर अपनी जान बचाता है।


कहानी से

प्रश्न 1: हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से क्यों मना किया होगा?

उत्तर: हेडमास्टर साहब चाहते थे कि बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दें और फालतू कामों के लिए समय न बरबाद करें। इसलिए हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से मना किया होगा।

प्रश्न 2: सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफवाहें फैली हुई थीं?

उत्तर: सरकस के बारे में तरह-तरह की अफवाहें फैली हुई थीं। कोई कह रहा था कि शेर और बकरी एक ही बर्तन में पानी पिएँगे। कोई कह रहा था कि हाथी पैरगाड़ी चलाएगा, तोता बंदूक छोड़ेगा और बनमानुष बाबू बनकर मेज पर बैठेगा।

प्रश्न 3: बलदेव सरकस में जाकर निराश क्यों हो गया?

उत्तर: बलदेव जब सरकस में पहुँचा तो उसे जानवरों की दुर्दशा नजर आई। शेर और बाघ को देखकर लगता था कि कई दिनों से उन्हें कुछ खाने को नहीं मिला है। भालू इतना दुर्बल था कि भालू कम और सूअर अधिक नजर आ रहा था। एक कुत्ते की तो एक टांग ही कटी हुई थी। यह सब देखकर बलदेव बहुत निराश हुआ।

प्रश्न 4: बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे। फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?

उत्तर: जब बलदेव और चीता दोनों गुब्बारे पर ऊपर उठते जा रहे थे तो चीते की डर से हालत खराब हो रही थी। उसकी जान पर बन आई थी और वह अपनी जान बचाने के उपाय ढ़ूँढ़ रहा था। इसलिए चीते ने बलदेव को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया।

प्रश्न 5: कहानी के इस वाक्य पर ध्यान दो: “इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया।“ तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?

उत्तर: यहाँ पर गुब्बारा विशाल है यानि उसका आकार बहुत बड़ा है। लेखक ने गुब्बारे की विशालता दर्शाने के लिए उसे भारी कहा है।


सोचो और बताओ

प्रश्न 1: गुब्बारे से हवा निकलने पर वह नीचे क्यों आने लगता है?

उत्तर: गुब्बारे में भरी हुई गैस हवा से हल्की होती है जिसके कारण गुब्बारा ऊपर उड़ता है। गैस को निकाल देने से गुब्बारा हवा से भारी हो जाता है और नीचे आने लगता है।

प्रश्न 2: स्कूल में तुम्हें क्या-क्या करने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?

उत्तर: स्कूल में हमें कई कामों के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। उदाहरण: कक्षा से बाहर जाने के लिए, शौचालय जाने के लिए, घर पर जरूरी काम आने पर छुट्टी लेने के लिए, आदि।

प्रश्न 3: क्या तुमने अपने आस-पास के जानवरों की दुर्दशा देखी है? उसके बारे में बताओ।

उत्तर: मेरे मुहल्ले में कई आवारा पशु रहते हैं। इनमें से अधिकतर कभी पालतू हुआ करते थे। लेकिन अब उनकी आयु अधिक होने के कारण उनके मालिकों ने उन्हें सड़क पर भटकने के लिए छोड़ दिया है। आवारा पशु अक्सर कमजोर और बीमार रहते हैं।

प्रश्न 4: सरकस में जानवरों के करतब दिखाए जाते हैं। उनके प्रति क्रूरता बरती जाती है। क्या ऐसे सरकस को मनोरंजन का साधन माना जा सकता है? सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

उत्तर: जानवरों के साथ क्रूरता को कभी भी मनोरंजन नहीं माना जा सकता है। सरकस में जानवरों के करतब पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। इंसानों से कई करतब करवाये जा सकते हैं; जैसे कि झुले वाला खेल, मौत का कुँआ, आदि।




Copyright © excellup 2014