जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

बघीरा आया

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

तभी उन सबके बीच एक काली सी छाया कौंधी। ये बघीरा नाम का काला तेंदुआ था। बघीरा का शरीर स्याही की तरह काला था लेकिन कुछ खास किस्म की रोशनी में उसके शरीर के चित्तीदार धब्बे ऐसे लगते थे जैसे रेशमी कपड़े पर पानी की बूंदें चमकती हों। बघीरा को हर कोई जानता था। कोई भी उसके रास्ते में आने से बचता था क्योंकि वह तबाकी की तरह धूर्त, जंगली भैंसे की तरह हिम्मतवाला और किसी मदमस्त हाथी की तरह खतरनाक था। लेकिन उसकी आवाज शहद से भी मीठी और उसकी त्वचा रेशम से भी मुलायम थी।

बघीरा ने कहा, हे आजाद भेड़ियों के सरदार, वैसे तो मुझे तुम्हारी बातों में दखल नहीं देना चाहिए लेकिन मैं कुछ कहना चाहता हूँ। जंगल का कानून कहता है कि जब किसी शावक पर अधिकार की बात आती है तो उसकी जिंदगी के लिए कोई कीमत अदा की जा सकती है। उस कीमत को कौन चुकाएगा इस पर भी कानून के हिसाब से कोई प्रतिबंध नहीं है। कोई भी जानवर चाहे तो उसकी कीमत दे सकता है।

युवा भेड़िए जो हमेशा कुछ ज्यादा ही अधीर रहते थे एक ही सुर में बोल उठे, बघीरा सही कह रहा है। इस शावक को खरीदा जा सकता है। ऐसा कानून में है।

बघीरा ने कहा, चूंकि मुझे बोलने का अधिकार नहीं है इसलिए मैं यहाँ से जा रहा हूँ।

तभी कई भेड़ियों की आवाजें एक साथ आईं, कोई बात नहीं, बोलो।

बघीरा ने कहा, किसी निहत्थे शावक को मारना शर्म की बात है। सोचो, जब वह बड़ा होगा तो शायद वह तुम्हारे लिए अच्छा शिकार साबित होगा। बलू ने पहले ही इसपर उचित कहा है। मैं इसके बदले में एक ताजा मारा हुआ हृष्ट पुष्ट भैंसा देने को तैयार हूँ। उसे मैंने अभी-अभी मारा है और पहाड़ी के पीछे रखा है। तब तो तुम आसानी से इस बच्चे को अपने दल में रख पाओगे।

सभी भेड़ियों में मंत्रणा शुरु हो गई, सही कहा। अरे यह तो सर्दी की बारिश से ही मर जाएगा। तेज धूप इसे जला देगी। यह तो हमारा बाल भी बांका नहीं कर सकता। इसे दल में शामिल कर लेना चाहिए। बघीरा, जाओ भैंसे को ले आओ। तभी अकेला की गंभीर वाणी गूँजी, मेरे साथी भेड़ियो, मजे करो।

मोगली इन सब बातों से बेखबर था। वह तो कंकड़ों के साथ खेलने में व्यस्त था। इस बीच कई भेड़िये आए होंगे और उसे सूंघकर चले गए होंगे। आखिर में सभी भेड़िए ताजा मारे गए भैंसे को खोजने पहाड़ी के पीछे चले गए। वहाँ पर अब केवल अकेला, बघीरा, बलू और मोगली का नया परिवार रह गया था। दूर कहीं से रात के अंधेरे को चीरती हुई शेर खान की दहाड़ सुनाई दे रही थी; जैसे वह मोगली को ना पाने का शोक मना रहा था।

बघीरा ने मखौल के अंदाज में कहा, जी भर कर जश्न मना लो। क्या पता जब यह बच्चा बड़ा होगा तो तुम्हें अपनी उंगलियों पर नचाएगा। मुझे इंसानों के बारे में बहुत कुछ पता है।

अकेला ने कहा, तुमने बहुत अच्छे तरीके से हमारी मदद की। आदमी बड़े बुद्धिमान होते हैं। यह जब बड़ा होगा तो हमारी ताकत ही बनेगा।

बघीरा ने कहा, हाँ अब तुम भी बूढ़े हो रहे हो। एक न एक दिन तुम्हारे दल को नए सरदार की जरूरत पड़ेगी।

अकेला ने कोई जवाब नहीं दिया। वह उस नियति के बारे में सोचने लगा जब कोई सरदार बूढ़ा और कमजोर हो जाता है। एक ऐसा समय भी आता है जब उसके अपने ही दल के भेड़िए उसे मार डालते हैं ताकि एक नया सरदार दल की कमान संभाल सके। यही जंगल का कानून है जो सदियों से चलता आ रहा है। कोई भी इसे बदल नहीं सकता।

इसे ले जाओ और इसे पूरी तरह से प्रशिक्षण देकर एक काबिल भेड़िया बना दो। भेड़िए के पिता ने कहा।

इस प्रकार से बलू की सलाह और एक मरे हुए भैंसे की बदौलत मोगली सियोनी के भेड़ियों के दल का एक अभिन्न अंग हो गया।


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