जंगल बुक पार्ट 1: मोगली का बचपन

नए सरदार की खोज

हिंदी अनुवाद

अजय आनंद

बघीरा ने मोगली को देखते ही कहा, अकेला फिर असफल हो गया। वे तो उसे रात में ही मार डालते लेकिन उन्हें तुम्हारा भी इंतजार था। वे वहाँ पहाड़ियों पर तुम्हें ढ़ूंढ़ रहे थे।

मैं खेतों की ओर गया था। मैं तैयार हूँ मोगली ने अंगीठी दिखाते हुए कहा।

बहुत बढ़िया! मैंने इंसानों को देखा है इसमें सूखी डाल को डालते हुए। उसके बात उस डाल के ऊपर यह लाल फूल खिल जाता है। तुम्हें डर नहीं लगता?

नहीं, मैं क्यों डरूँ? यदि मैं सपना नहीं देख रहा हूँ तो मुझे याद आ रहा है कि जब मैं भेड़िया नहीं था तो मैं इसी लाल फूल के पास सोता था। इससे गर्मी मिलती थी और सुकून मिलता था।

पूरे दिन मोगली अपनी गुफा में बैठा रहा और अंगीठी की आग को जिंदा रखने का प्रयास करता रहा। वह सूखी डालियों को अंगीठी में डालकर देखता था कि वे कैसी दिखती हैं। आखिरकार एक डाली उसे मिल ही गई जिससे उसका काम हो जाए। शाम में तबाकी उसके पास आया बड़े ही रूखे अंदाज में बताया कि सभा में उसे बुलाया गया है। तबाकी की बात सुनकर मोगली जोर से हँसा और तबतक हँसता रहा जब तक तबाकी वहाँ से चला नहीं गया। उसके बाद मोगली सभा की ओर चल पड़ा। वह अभी भी अपनी हँसी रोक नहीं पा रहा था।

अकेला उस शिला के किनारे बैठा था। इसका मतलब था कि सरदार की कुर्सी खाली है और कोई सक्षम भेड़िया उसपर अपना दावा कर सकता है। शेर खान अपने जूठन पर पलने वाले भेड़ियों के साथ था। वे उसकी चाटुकारिता कर रहे थे। बघीरा मोगली की बगल में बैठा था। मोगली ने उस अंगीठी को अपने घुटनों के बीच रखा हुआ था। जब सभी इकट्ठा हो गए तो शेर खान ने बोलना शुरु किया। जब अकेला की ताकत अपने चरम पर होती थी तो शेर खान की हिम्मत नहीं थी कि उनकी सभा में चूँ शब्द भी बोले।

बघीरा ने उसे बीच में ही टोका, तुम्हें यहाँ बोलने का कोई अधिकार नहीं है। तुम तो बिल्ली के बच्चों से भी डरपोक हो।

मोगली उछलकर खड़ा हो गया और जोर से बोला, ओ आजाद भेड़ियों, क्या यह शेर खान हमारे दल का नेता है? भेड़ियों के झुंड में बाघ का क्या काम?

शेर खान ने अपनी बात शुरु की, सरदार का पद खाली है और मुझसे बोलने के लिए कहा है.....।

मोगली ने फिर से टोका, किसने तुमसे बोलने को कहा? क्या हमलोग सियार हैं, जो इस मवेशीखोर की बातों में आ जायें? दल का नेता तो दल के सदस्य में से ही कोई बनेगा।

तभी कुछ भेड़ियों के चिल्लाने की आवाज आई, चुप हो जाओ, ओ इंसान के बच्चे! उसे बोलने दो। उसने जंगल के कानून का पालन किया है। आखिर में दल के वरिष्ठ सदस्यों ने आवाज लगाई, अब इस मरे हुए भेड़िये को बोलने दो। जब कोई सरदार शिकार पकड़ने में फेल कर जाता है तो उसे तब तक मरा हुआ भेड़िया कहा जाता है जब तक कि वह जिंदा रहता है। हालांकि वह ज्यादा समय जीवित नहीं रह पाता है।


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